27/09/2010

क्या आप पेशाब रोक पाते हैं.? कितनी देर..? महिलाएं घंटों क्या, दो-दो पहर दवाब सहन करती हैं. हर जगह.. कारण..? शौचालयों का अभाव. हम पुरुष कहीं भी, कभी भी खड़े होकर विसर्जन कर देते हैं. जरा,विचारें. महिलाओं को कितनी दिक्कतें आती होंगी. महिला सार्वजनिक शौचालय हैं-159 .और पुरुष मूत्रालय हैं-30152 . वाह ! रे भारत! देश-विदेश के आयोजन में पानी की तरह रुपया बहा दे. हर हाथ में मोबाईल थमा दे. पर हर परिवार को शौचालय.? ठेंगा..

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यहाँ तक आएँ हैं तो दो शब्द लिख भी दीजिएगा। क्या पता आपके दो शब्द मेरे लिए प्रकाश पुंज बने। क्या पता आपकी सलाह मुझे सही राह दिखाए. मेरा लिखना और आप से जुड़ना सार्थक हो जाए। आभार! मित्रों धन्यवाद।