10/03/2012

दूसरी दुनिया -मनोहर चमोली ‘मनु’ 00एली हाथी सरपट दौड़ रहा था। चूंचूं चूहे ने एली को टोकते हुए पूछा-‘‘दादा ! कहां भागे जा रहे हो? क्या आसमान टूट रहा है?’’ ‘‘कोको मगर की शरण में जा रहा हूं। तुमने सुना नहीं कि 21 जून 2012 को प्रलय आने वाली है। ये धरती नष्ट हो जाएगी।’’ एली ने हांफते हुए कहा। ‘‘तो क्या हुआ? तुमने नहीं सुना नया ग्रह ढंूढ लिया गया है।’’ चूंचूं ने हंसते हुए कहा। एली रुक गया। चैंकते हुए कहने लगा-‘‘मगर हमें तो धरती चाहिए न।’’ ‘‘अरे! दादा हमारी धरती भी तो एक ग्रह ही है। वैसे भी कोको के पास जाने से क्या होगा। नदी, ताल और समुद्र भी तो धरती में ही है। फिर। कोको क्या कर लेगा, यदि धरती नष्ट होने जा रही है।’’ चूंचूं ने पूछा। यह सुनकर एली हाथी सिर खुजलाने लगा। चूंचूं ने मुस्कराते हुए कहा-‘‘मीकू खरगोश अंतरिक्ष विज्ञान संस्थान की सैर करके लौटा है। चलो उसके पास चलते हैं। वो बहुत कुछ जानता है, नई धरती के बारे में।’’ वे दोनों अभी बात ही कर रहे थे कि मीकू खरगोश उनके सामने आ गया। मीकू ने कहा-‘‘लो मैं आ गया। क्या बात है?’’ एली ने कहा-‘‘तुम्हारी लंबी उम्र है। हम अभी तुम्हारे बारे में ही बात कर रहे थे। ये बताओ क्या धरती 2012 में खत्म हो जाएगी?’’ मीकू ने हंसते हुए बताया-‘‘अंतरिक्ष में कई ग्रह हैं। सभी सूर्य के चक्कर काटते हैं। यह संभव है कि चक्कर काटते-काटते कोई पिण्ड या ग्रह धरती से कभी टकरा सकते हैं। लेकिन ये महज एक कयास ही है। सैकड़ों अंतरिक्ष विज्ञानी अंतरिक्ष में होने वाली खगोलीय घटनाओं पर नजर रखे रहते हैं। फिलहाल खतरे वाली किसी बात की पुष्टि तो नहीं हुई है।’’ ‘‘ओह! तो ये बात है। मैं नाहक ही परेशान हो रहा था। खैर कोई बात नहीं। और हां क्या किसी और धरती की भी संभावना है कहीं?’’ एली ने उत्सुकतावश पूछा। मीकू की आंखें चमकने लगी। उसने बताया-‘‘वैज्ञानिकों ने एक ग्रह खोज लिया है। इसे ग्लिज 581 डी नाम दिया गया है। यह ग्रह हमारी इस पृथ्वी से लगभग 20 प्रकाश वर्ष दूर दूसरे सौरमंडल में स्थित है।’’ ‘‘लेकिन वहां जीवन संभव है?’’ एली ने बीच में टोकते हुए पूछा। मीकू ने सिर हिलाते हुए कहा-‘‘हमें आशावादी होना चाहिए। वैज्ञानिकों ने इस ग्रह को जीवों के अनुकूल बताया है। पता चला है कि वहां विभिन्न गैसों से युक्त समृद्ध वायुमंडल भी है। ऐसा वायुमंडल है जिसकी उचाई करीब दो किलोमीटर है। यही नहीं वहां समुद्र और बरसात की भी पूरी संभावना जताई जा रही है। मनुष्यों के अलावा सभी जीवों के लिए पानी तो चाहिए ही। बस अब मानव और कुछ जीव भेजे जाने की तैयारी है। आप कहें तो आपको भेजने की तैयारी की जाए।’’ ऐली ने डरते हुए कहा-‘‘न बाबा न। सुना है कि हमारी धरती जैसी कई धरती इस ब्रहमाण्ड में है। हो सकता है कि वहां एलियंस हों। हां। जब उस धरती में बसावट की तैयारी हो जाए तो मेरा टिकट जरूर कटवा देना। इस धरती पर तो अब संकट के बादल मंडरा ही रहे हैं। मैं चला। अपने दोस्तों को भी खुशखबरी दे दूं कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। दूसरी दुनिया भी संभव है।’’ यह सुनकर मीकू और चूंचूं हंसने लगे। 0000 -मनोहर चमोली ‘मनु’ - भितांईं, पोस्ट बाॅक्स-23, पौड़ी गढ़वाल उत्तराखण्ड.पिन-246001 सम्पर्क-09412158688.

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