10/10/2010

दो शिशु गीत...' तितली रानी' और 'क्यों क्यों'

दो शिशु गीत.

तितली रानी

तितली रानी तितली रानी
पँख फैलाकर कहाँ चली
सुनकर तितली मुझसे बोली
मुरझा गई है कली-कली
मैं फूलों के सँग पली
दूर देश अब जाना है
मुझको यहाँ नहीं रहना है
फिर बोला मैं तितली से
तुमको हम नहीं छेड़ेंगे
फूल नहीं अब तोड़ेंगे।


क्यों क्यों

धरती में सागर लहराता
बार बार सूरज क्यों आता
बादल वर्षा क्यों बरसाता
पूछे हम तो बार बार
कोई न हमको बतलाता।

-मनोहर चमोली 'मनु'
[११-१०-2010]

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